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उत्तराखंड - प्रमुख पर्वत चोटियाँ, ग्लेशियर और घाटियाँ

 उत्तराखंड - प्रमुख पर्वत चोटियाँ, ग्लेशियर और घाटियाँ (Uttarakhand - Major Mountain Peaks, Glaciers, and Valleys)

उत्तराखंड की भौगोलिक भव्यता का मुख्य आधार यहाँ की गगनचुंबी पर्वत चोटियाँ, अनंत काल से बहते ग्लेशियर और स्वर्ग के समान सुंदर घाटियाँ हैं। राज्य का यह विस्तृत विवरण न केवल पर्वतारोहियों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यहाँ की नदियों और जीवन का प्रमुख स्रोत भी है।

1. प्रमुख पर्वत चोटियाँ (Major Mountain Peaks)

उत्तराखंड के उत्तरी भाग में महान हिमालय की पर्वत श्रृंखलाएँ स्थित हैं। यहाँ की चोटियाँ न केवल धार्मिक रूप से पूजनीय हैं, बल्कि साहसिक पर्यटन का भी केंद्र हैं।

  • नंदा देवी (7,817 मीटर): यह उत्तराखंड की सबसे ऊँची और पूरी तरह से भारत की सीमा के भीतर स्थित दूसरी सबसे ऊँची चोटी है। चमोली जिले में स्थित यह शिखर 'नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान' का हिस्सा है।
  • कामेत (7,756 मीटर): यह राज्य की दूसरी सबसे ऊँची चोटी है, जो चमोली जनपद में तिब्बत सीमा के निकट स्थित है।
  • अन्य महत्वपूर्ण शिखर: इनमें चौखम्बा (7,138 मीटर), त्रिशूल (7,120 मीटर), और केदारनाथ (6,940 मीटर) प्रमुख हैं। बंदरपूँछ (6,316 मीटर) चोटी उत्तरकाशी में स्थित है, जो अपनी विशेष आकृति के लिए प्रसिद्ध है।

2. प्रमुख ग्लेशियर (Major Glaciers)

ग्लेशियर, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'हिमनद' या 'बामक' कहा जाता है, उत्तर भारत की जीवनदायिनी नदियों के अक्षय स्रोत हैं।

  • गंगोत्री हिमनद: उत्तरकाशी जिले में स्थित यह उत्तराखंड का सबसे बड़ा ग्लेशियर है। इसके 'गोमुख' नामक स्थान से भागीरथी (गंगा) नदी का उद्गम होता है।
  • यमुनोत्री हिमनद: बंदरपूँछ पर्वत के ढाल पर स्थित यह ग्लेशियर यमुना नदी का स्रोत है।
  • पिंडारी ग्लेशियर: बागेश्वर जिले में स्थित यह ग्लेशियर अपनी सुगम ट्रेकिंग के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ से पिंडर नदी निकलती है, जो अलकनंदा की सहायक नदी है।
  • मिलम हिमनद: पिथौरागढ़ के जोहार क्षेत्र में स्थित यह कुमाऊं मंडल का सबसे बड़ा ग्लेशियर है, जहाँ से गोरी गंगा नदी का उद्गम होता है।
  • चोराबाड़ी ग्लेशियर: केदारनाथ मंदिर के समीप स्थित इस हिमनद से मंदाकिनी नदी निकलती है।

3. महत्वपूर्ण घाटियाँ (Significant Valleys)

पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित ये घाटियाँ अपनी जैव-विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती हैं।

  • फूलों की घाटी (Valley of Flowers): चमोली जिले में स्थित यह घाटी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। इसकी खोज 1931 में फ्रैंक एस. स्माइथ ने की थी। यह नर और गंधमादन पर्वतों के बीच स्थित है।
  • दूधातोली श्रृंखला: इसे "उत्तराखंड का पामीर" कहा जाता है। यह अल्मोड़ा, चमोली और पौड़ी जिलों में फैली है। यहाँ से पाँच प्रमुख नदियाँ—पश्चिमी रामगंगा, आटागाड़, वूनों, और पूर्वी व पश्चिमी नयार निकलती हैं।
  • दून घाटियाँ: शिवालिक और मध्य हिमालय के बीच स्थित ये चौरस घाटियाँ हैं, जिनमें देहरादून सबसे प्रमुख है। अन्य घाटियों में पाटली दून, कोटा दून और कोठारी दून शामिल हैं।
  • क्षेत्रीय घाटियाँ: पिथौरागढ़ की सोर घाटी, बागेश्वर की कत्यूर घाटी, और उत्तरकाशी की प्रसिद्ध हर-की-दून घाटी अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध हैं।

उत्तराखंड की ये भौगोलिक विशेषताएँ इसे एक अद्वितीय "जल टावर" (Water Tower) बनाती हैं। 

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