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भौगोलिक ज्ञान के क्षेत्र में शोध या अनुसन्धान

प्रकृति और पर्यावरण के यथार्थ को जानने और समझने के लिए भौगोलिक ज्ञान नितांत आवश्यक है। ज्ञान शोध से उत्पन्न होता है और यह निरंतर चलने वाली शोध प्रक्रियाओं से समृद्ध होता है। भौगोलिक शोध का अर्थ समझने से पूर्व शोध का अर्थ समझना आवश्यक है।
शोध शब्द अंग्रेजी के रिसर्च का हिन्दी अनुवाद है। यह दो शब्द Re  और Search से मिलकर बना है। Re का अर्थ होता है पुनः और  Search का अर्थ होता है खोज। इस तरह इन दोनों शब्दों का अर्थ होता है पुनः खोज। अंग्रेजी भाषा में शोध या अनुसन्धान का अर्थ तथ्यों की खोज है, जिसको डिस्कवरी ऑफ फैक्ट्स कहते हैं। सामान्य अर्थों में नवीन ज्ञान की प्राप्ति या सत्य की खोज ही शोध है – शोध नवीन और विस्मृत तत्वों का अनुसंधान है और सूक्ष्म अर्थ में यह ज्ञात तथ्यों के पूनर्मूल्यांकन और नई व्याख्याओं का सूचक है।
ज्ञान की प्राप्ति, परिमार्जन और परिवर्धन ही शोध या अनुसन्धान है। नवीन ज्ञान की खोज करना और ज्ञात तथ्यों का विश्लेषण कर नवीन तथ्यों का उद्घाटन करना या  पुराने ज्ञान का पुनः परिक्षण करना शोध कहलाता  है। एडवांस्ड लर्नर डिक्शनरी ऑफ़ करेंट इंग्लिश के अनुसार- किसी भी ज्ञान की शाखा में नवीन तथ्यों की खोज के लिए सावधानीपूर्वक किए गए अन्वेषण को शोध की संज्ञा दी जाती है। शोध विज्ञान और वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित होता है।

शोध की परिभाषा
रैडमैन और मोरी  ने अपनी किताब ‘ दि रोमांस ऑफ रिसर्च ’ में शोध का अर्थ स्पष्ट करते हुए लिखा है, कि नवीन ज्ञान की प्राप्ति के व्यवस्थित प्रयत्न को हम शोध कहते हैं।
स्पार और स्वेन्सन  ने शोध को परिभाषित करते हुए अपनी पुस्तक में लिखा है कि  सत्य के लिए,  ज्ञान के लिए, तथ्यों के सत्यापन के लिए किया गया कोई भी विद्वतापूर्ण शोध ही अन्वेषण है।    
लुण्डबर्ग ने शोध को परिभाषित करते हुए लिखा है, कि अवलोकित तथ्यों का व्यवस्थित और विषयक सत्यापन करना ही शोध है।
 उपरोक्त परिभाषाओं के आधार पर कहा जा सकता है कि नवीन ज्ञान की खोज की दिशा में किये गए व्यवस्थित एवं क्रमबद्व प्रयास को शोध कहते हैं।
शोध की कुछ अन्य परिभाषाएँ
पी.वी.यंग के अनुसार शोध एक ऐसी व्यवस्थित विधि है जिसके द्वारा नवीन तथ्यों की खोज तथा प्राचीन तथ्यों की पुष्टि की जाती है, तथा उनके अनुक्रमों, पारस्परिक सम्बंधों तथा कारणात्मक व्याख्याओं का अध्ययन करते हैं।
एडवर्ड के अनुसार शोध उस प्रक्रिया अथवा कार्य का नाम है जिसमें बोधपूर्वक प्रयत्न से तथ्यों का संकलन कर सूक्ष्मग्राही एवं विवेचक बुद्धि से उसका अवलोकन – विश्‌लेषण किया जाता है और नए तथ्यों या सिद्धांतों का उद्‌घाटन किया जाता है। शोध किसी प्रश्न अथवा समस्या के उत्तर खोजने हेतु अथवा प्रस्तावित उत्तरों की जाँच के लिए किया जाता है।
शोध का अर्थ
शोध वह क्रमबद्ध तथा वैज्ञानिक अध्ययन विधि है जिसके द्वारा नवीन ज्ञान  प्राप्त करते हैं या विद्यमान ज्ञान को विस्तृत या परिष्कृत करते हैं और घटनाओं के कारणों के अंतरसंबंधों तथा उन में अन्तर्निहित क्रियाओं और प्रतिक्रियाओं का अध्ययन, विश्लेषण व निरूपण किया जाता है।
भौगोलिक ज्ञान के क्षेत्र में शोध
भूगोल, भूतल के अध्ययन का विज्ञान है। भूगोल के अंतर्गत भूतल के विविध  तथ्यों  का  अध्ययन किया जाता है। भूतल पर स्थित विभिन्न भूदृश्यों के विविध स्वरूपों और घटित होने वाली विविध घटनाओं – परिघटनाओं का अध्ययन करना भौगोलिक शोध है।
भूगोल के अंतर्गत कुछ आधारभूत प्रश्नों के सन्दर्भ में अध्ययन या अनुसन्धान किया जाता है। विभिन्न भूदृश्यों और घटनाओं – परिघटनाओं के सन्दर्भ में; यह क्या है? कैसा है?  कहाँ है?  क्यों है? आदि प्रश्नों के उत्तर शोध या अनुसन्धान के माध्यम से ही प्राप्त होते हैं।
कुछ भूगोलवेत्ताओं का मानना है कि भूगोल वितरण का विज्ञान है। भूगोल के अंतर्गत पृथ्वी के विविध तथ्यों के वितरण का अध्ययन किया जाता  है। कोई स्थान, वस्तु, घटना या क्रिया कहाँ स्थित है? क्यों स्थित है? भौगोलिक शोध या अनुसन्धान द्वारा उसका विवरण प्रस्तुत किया जाता है।
शोध या अनुसन्धान को एक वैज्ञानिक कार्य के रूप में परिभाषित कर सकते हैं जिसका उद्देश्य तार्किक और क्रमबद्ध पद्धतियों के द्वारा नवीन तथ्यों की खोज करना है। ज्ञात तथ्यों के आधार पर अज्ञात तथ्यों की खोज करना शोध या अनुसन्धान है। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें तार्किकता और क्रमबद्धता होती  है। भूतल पर घटित होने वाली विभिन्न घटनाओं – परिघटनाओं के कारणों, उनको संचालित करने वाले प्राकृतिक नियमों और उनके अंतरसंबंधो की खोज करना भौगोलिक शोध या अनुसन्धान है।
भूगोल पृथ्वी तल के क्षेत्रीय विविधताओं और स्थानीय भिन्नताओं का वर्णन करता है। भूगोल के  अंतर्गत स्थानीय  वितरण के प्रारूप (स्पेशीयल डिस्ट्रीब्यूशन) का अध्ययन किया जाता है। विभिन्न भूगोलवेत्ताओं के अनुसार भूगोल वह विज्ञान है जो पृथ्वी के एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवर्तनशील स्वरूपों का अध्ययन करता है। भौगोलिक अध्ययन या अनुसन्धान के अंतर्गत तत्वों के क्षेत्रीय वितरण के परिवर्ती स्वरुप (वैरीएबल कैरेक्टर) को प्रस्तुत करना सम्मिलित होता है। क्षेत्रीय विभिन्नता और आतंरिक सम्बद्धता का अध्ययन करना और उसके कारणों की खोज करना शोध या अनुसन्धान का अभीष्ट होता है। अन्य स्थानों के साथ उसके स्थानिक संबंधों और अन्तःक्रिया की व्याख्या करना, भौगोलिक शोध या अनुसन्धान है।
भूगोल वह विज्ञान है जो पृथ्वी पर मानव और उसके प्राकृतिक वातावरण के साथ होने वाले अन्तःक्रियाओं का अध्ययन करता है। भौगोलिक शोध का अर्थ प्रकृति और मानव के बीच के अंतरसंबंधों, उनके  बीच की क्रियाओं और प्रतिक्रियाओं के विषय में ज्ञान प्राप्त करना और उससे उत्पन्न प्रतिरूपों की व्याख्या करना है। वैज्ञानिक प्रक्रियाओं द्वारा मानव और प्रकृति से सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर की खोज करना भौगोलिक शोध या अनुसन्धान है।
शोध कभी कभी उपयोगी जानकारी एकत्र करने तक सीमित हो सकता है। बहुधा ऐसी जानकारी किसी क्षेत्र का नियोजन करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने हेतु आवश्यक होती है। विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु उपयोगी जानकारी प्राप्त करना, कार्य – कारण संबंधों की खोज करना ही शोध या अनुसन्धान है। घटनाओं और समस्याओं के सम्बन्ध में नयी जानकारी, नए ज्ञान की प्राप्ति हेतु व्यवस्थित अन्वेषण को शोध या अनुसन्धान कहते हैं।
भौगोलिक यथार्थता का अध्ययन, विभिन्न भूदृश्यों के विविध पक्षों, घटनाओं – परिघटनाओं के अंतर सम्बंधित प्रक्रियाओं के व्यवस्थित अध्ययन और विश्लेषण को शोध या अन्वेषण कहते हैं। इस प्रकार के तार्किक एवं व्यवस्थित अध्ययन व अनुसन्धान तदन्तर सिद्धांत निर्माण की ओर ले जाते हैं। 
e.knowledge_shahi


किसी क्षेत्र विशेष में नविन ज्ञान की खोज या पुराने ज्ञान का पुनः परिक्षण अथवा अन्य माध्यमों से से विश्लेषण कर नविन तथ्यों का उदघाटन करना शोध कहलाता है

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